बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के एक्स-हसबैंड और बिजनेसमैन संजय कपूर के निधन के बाद उनकी प्रॉपर्टी को लेकर विवाद जारी है। इसी बीच संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर ने अपनी सास रानी कपूर पर झूठी गवाही देने का आरोप लगाया है। प्रिया कपूर ने इस संबंध में एक याचिका भी दायर की है। इतना ही नहीं, उन्होंने आरके फैमिली ट्रस्ट के खिलाफ दायर दीवानी मुकदमे को पूरी तरह खारिज करने की मांग की है। याचिका में प्रिया ने कहा कि रानी कपूर ने झूठे बयान देकर और महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अदालत के साथ धोखाधड़ी की है। यह कानूनी प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है। जानिए क्या है पूरा मामला? दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिवंगत संजय कपूर की मां रानी कपूर से उनकी बहू प्रिया कपूर की उस याचिका पर जवाब मांगा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पारिवारिक ट्रस्ट के खिलाफ दायर उनकी सास का मुकदमा झूठे बयानों पर आधारित है। जस्टिस मिनी पुष्करणा ने प्रिया कपूर की याचिका पर रानी कपूर को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत झूठी गवाही के आरोप में उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई है। अदालत ने रानी कपूर को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दायर आवेदन में आरोप लगाया गया है कि हलफनामों और तस्वीरों जैसे ‘पुख्ता सबूत’ मौजूद हैं, जो यह दर्शाते हैं कि रानी कपूर ने शपथपत्र में जानबूझकर झूठा बयान दिया। आवेदन में कहा गया है कि उन्होंने यह दावा किया था कि उन्होंने ‘आरके फैमिली ट्रस्ट डीड’ पर हस्ताक्षर नहीं किए थे या उसमें लिखी बातों को नहीं पढ़ा था। अपनी याचिका में रानी कपूर (80) ने कहा है कि अक्टूबर 2017 में उनके नाम पर गठित ट्रस्ट के लिए जाली, धोखाधड़ी वाले दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने प्रतिवादियों अपनी बहू प्रिया कपूर और पोते-पोतियों समेत अन्य लोगों को किसी भी तरह से आरके फैमिली ट्रस्ट का इस्तेमाल करने या उसके सपोर्ट में कार्य करने से स्थायी रूप से रोकने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया है। रानी कपूर की याचिका में कहा गया है कि वह अपने दिवंगत पति सुरिंदर कपूर की संपूर्ण संपत्ति की एकमात्र लाभार्थी थीं और जब संपत्ति ‘आरके फैमिली ट्रस्ट’ को हस्तांतरित की गई थी तब उनके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई थी। सुरिंदर कपूर ‘सोना ग्रुप ऑफ कंपनीज’ समेत विभिन्न व्यवसायों के ओरिजनेटर थे। याचिका में दावा किया गया है कि संजय ने अपनी मृत्यु तक रानी कपूर को कभी यह कन्फर्म नहीं की कि वास्तव में उन्हें उनके सभी अधिकारों, संपत्तियों और विरासत से वंचित कर दिया गया था और न ही उन्हें कथित ‘आरके फैमिली ट्रस्ट’ की एक प्रति प्रदान की।
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