‘कार्तिकेय 2’ की ऐतिहासिक सफलता ने अभिनेता निखिल सिद्धार्थ को पैन इंडिया पहचान दिलाई और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने यह साबित कर दिया कि मजबूत कंटेंट और आस्था से जुड़ी कहानी दर्शकों के दिलों तक सीधे पहुंच सकती है। अब निखिल अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘स्वयंभू’ के साथ आने वाले हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में निखिल ने ‘कार्तिकेय 2’ की सफलता, इंडस्ट्री से मिले समर्थन, पैन इंडिया सिनेमा की बदलती परिभाषा और अपनी आने वाली फिल्म ‘स्वयंभू’ को लेकर उम्मीदों पर खुलकर चर्चा की। पेश है कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: ‘कार्तिकेय 2’ का इतना प्रभाव था कि हर किसी ने इसे अपना लिया। किसी ने यह नहीं सोचा कि निखिल कहां से हैं। आप पैन इंडिया स्टार बन गए। क्या बॉलीवुड से किसी स्टार ने आपको फोन करके बधाई दी या कोई अच्छा फीडबैक दिया? जवाब: हां, लगभग सभी ने फिल्म के बारे में बहुत अच्छी बातें कहीं। ऋतिक रोशन सर ने फिल्म देखी थी और कार्तिक आर्यन और शाहिद कपूर ने भी देखी। इन सबने ‘कार्तिकेय 2’ की बहुत तारीफ की, जिससे मुझे बेहद खुशी हुई। तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री ने भी इस फिल्म को पूरी तरह अपना लिया। मेरा मानना है कि अगर कोई फिल्म राष्ट्रीय स्तर का प्रोजेक्ट बनाना चाहती है तो उसके लिए बहुत बड़े बजट की जरूरत नहीं होती। तीन-चार सौ करोड़ रुपए खर्च करना जरूरी नहीं है। हमने ‘कार्तिकेय 2’ सीमित बजट में बनाई और अच्छा परिणाम दिया। मेरी आने वाली फिल्म ‘स्वयंभू’ बड़े बजट की है, लेकिन अनावश्यक रूप से बहुत अधिक खर्चीली नहीं है। हमें साउथ फिल्म इंडस्ट्री से भरपूर समर्थन मिला है और अब बॉलीवुड से भी अच्छा सहयोग मिल रहा है। सवाल: ‘कार्तिकेय 2’ के बाद आपको बॉलीवुड कई प्रस्ताव मिले होंगे। क्या आप उनके बारे में कुछ बताना चाहेंगे? जवाब: हां, मुझे कई अच्छे प्रस्ताव मिले, बड़े निर्माताओं से भी बातचीत हुई। लेकिन मेरी मां हमेशा एक कहावत याद दिलाती हैं, “ना घर का, ना घाट का।” इसलिए जो भी करूं, अपनी जड़ों को नहीं भूलना चाहिए। मैं फिलहाल तेलुगु फिल्में कर रहा हूं, जिन्हें बाद में मलयालम, तमिल, कन्नड़ और हिंदी में डब किया जाता है। लेकिन ‘इंडिया हाउस’ जैसी फिल्म के लिए हम दो भाषाओं में अलग-अलग शूटिंग कर रहे हैं। एक बार हिंदी में और एक बार तेलुगु में, ताकि भाषा का सम्मान हो और दर्शकों को बेहतर अनुभव मिले। मैं तेलुगु फिल्में करता रहूंगा। हर फिल्म को पूरे भारत में प्रचारित करना जरूरी नहीं होता, क्योंकि कुछ फिल्में क्षेत्रीय दर्शकों के लिए ही होती हैं। लेकिन ‘स्वयंभू’ ऐसी फिल्म नहीं है। यह लगभग तीन घंटे तीन मिनट की फिल्म है और मुझे विश्वास है कि उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और विदेशों में भी दर्शकों को पसंद आएगी। सवाल: अगर आपको हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से किसी अभिनेत्री के साथ काम करने का मौका मिले, तो आपकी पसंद कौन होगी? आपकी बकेट लिस्ट में कौन है? जवाब: मैं हमेशा से रवीना टंडन जी का प्रशंसक रहा हूं और मुझे ‘इंडिया हाउस’ में उनके साथ काम करने का अवसर मिल रहा है, जो मेरे लिए सौभाग्य की बात है। श्रीदेवी जी दक्षिण भारत की बहुत बड़ी आइकन थीं। उनकी बेटी जान्हवी कपूर बहुत अच्छा काम कर रही हैं और कई तेलुगु फिल्मों में भी काम कर रही हैं। उनके जैसी प्रतिभाशाली कलाकार के साथ काम करना हमेशा अच्छा अनुभव रहेगा। सवाल: अगर आपको किसी पीरियड ड्रामा फिल्म में प्रभास या रणबीर कपूर के साथ काम करने का अवसर मिले, और विषय हमारी प्राचीन संस्कृति या रामायण जैसा हो, तो आप किसे चुनेंगे? जवाब: मैं प्रभास भाई को चुनूंगा, क्योंकि वे बेहद शानदार इंसान हैं और उनके साथ काम करना मजेदार रहेगा। हालांकि रणबीर भी बेहतरीन कलाकार हैं, लेकिन प्रभास पूरे देश के प्रिय सितारे हैं। हम सभी उनकी आने वाली फिल्मों ‘कल्कि 2’ और ‘स्पिरिट’ का इंतजार कर रहे हैं।
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