मुंबई में शनिवार को हाजरी कार्यक्रम 2026 में बीकेसी के जियो वर्ल्ड गार्डन में पद्म विभूषण से सम्मानित उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान को श्रद्धांजलि दी गई। पहली बार उनके शिष्यों और देश के बड़े सिंगरों ने एक ही मंच शेयर किया। यह कॉन्सर्ट उस्ताद साहब की पांचवीं पुण्यतिथि पर हुआ। ए.आर. रहमान, हरिहरन, सोनू निगम और शान ने सिंगर्स की तरह नहीं, बल्कि शिष्यों की तरह अपने गुरु को हाजरी दी। इस कार्यक्रम का आयोजन उस्ताद साहब के बेटे रब्बानी मुस्तफा खान और बहू नम्रता गुप्ता खान ने किया था। ए.आर. रहमान ने सूफी गीतों से कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कुन फाया कुन, ख्वाजा मेरे ख्वाजा और अरजियां जैसे गाने गाए। इसके बाद उन्होंने मुस्तफा परिवार के साथ आओ बलमा और पिया हाजी अली परफॉर्म किया। सिंगर शान ने मैं हूं डॉन, चांद सिफारिश और ओम शांति ओम जैसे गाने गाए, साथ ही उस्ताद साहब की गजल चले आओ भी सुनाई। हरिहरन ने तू ही रे, रोजा, बाहों के दरमियां और यादें जैसे गाने गाए। सोनू निगम ने परदेसिया, कल हो ना हो, अभी मुझ में कहीं और संदेशे आते हैं के साथ शाम का समापन किया। कौन थे उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान? उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक और संगीत गुरु थे। वे रामपुर-सहसवान घराने से जुड़े थे। उनका जन्म 3 मार्च 1931 को उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ था और उन्हें ‘जूनियर तानसेन’ की उपाधि मिली। संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री (1991), पद्म भूषण (2006), पद्म विभूषण (2018) और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (2003) से सम्मानित किया गया। उन्होंने बॉलीवुड और शास्त्रीय संगीत के कई दिग्गज कलाकारों को ट्रेनिंग दी है, जिनमें लता मंगेशकर, आशा भोसले, ए.आर. रहमान, सोनू निगम, हरिहरन, और शान जैसे नाम शामिल हैं।
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