- कॉपी लिंक
सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर और इन्फ्लुएंसर एल्विश यादव को सांप के जहर (snake venom) कांड में कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि यदि प्रसिद्ध व्यक्ति बावजूद कानून के चले और वन्यजीवों का दुरुपयोग करे तो यह समाज के लिए बेहद गलत संदेश जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में Wildlife (Protection) Act, 1972 के प्रावधानों के तहत शिकायत की जांच की जाएगी और यह देखना आवश्यक है कि क्या कानून का उल्लंघन हुआ है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक एक बेंच जिसमें जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह शामिल हैं, एल्विश की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने चार्जशीट और इस आपराधिक कार्रवाई को चुनौती दी थी। अदालत ने कहा कि यदि प्रसिद्ध व्यक्ति जैसे आप वन्य जीवों जैसे बोलने में असमर्थ’ प्राणियों का उपयोग कर सकते हैं, तो यह समाज को गलत संदेश देगा। अदालत ने यह भी कहा कि कोई यह नहीं कह सकता कि वह मनमानी रूप से जो चाहे करे।
एल्विश यादव के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता मुक्ता गुप्ता ने अदालत को बताया कि यादव न तो सांप का मालिक था और न ही उन्होंने खुद किसी अवैध गतिविधि में शामिल होने का कार्य किया। इसके अनुसार वह केवल एक म्यूजिक वीडियो शूट के लिए अतिथि के रूप में मौजूद थे, जिसमें सिंगर फाजिलपुरिया भी शामिल थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन स्नेक्स के पास वंशाणु (venom sacs) और दांत नहीं थे, और साथ ही यह दावा किया कि प्रोड्यूसर ने आवश्यक अनुमति ले रखी थी।

वहीं, प्रशासन की ओर से कहा गया कि पुलिस ने इस मामले में कई सांपों सहित संभावित जहर बरामद किया है, और यह भी जांच की जा रही है कि क्या अवैध रूप से जहर निकाला गया या उनका दुरुपयोग किया गया। कोर्ट ने प्रोसिक्यूशन को निर्देश दिया कि वह स्पष्ट करे कि क्या काश्तकारों (productions) ने सभी आवश्यक अनुमति ली थी या नहीं।

बता दें कि यह मामला नोएडा के रेव पार्टियों से जुड़ा हुआ है, जहां आरोप है कि सांपों और उनके जहर का उपयोग मनोरंजन और नशीली सामग्री रूप में किया गया। इस मामले में एफआईआर नवंबर 2023 में दर्ज की गई थी और एल्विश यादव को बेल भी मिला था। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं और यह मुद्दा आगे की सुनवाई में विस्तृत रूप से देखा जाएगा।
Discover more from Bollywood News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
