Karisma Kapoor’s Only Horror Movie: बॉलीवुड की सबसे सफल एक्ट्रेस में से एक करिश्मा कपूर ने अपने पूरे करियर में हर तरह के रोल किए हैं, लेकिन हॉरर फिल्मों से उनका कनेक्शन सिर्फ एक बार आया. 16 फरवरी, 1996 को रिलीज हुई ‘पापी गुड़िया’ करिश्मा के करियर की इकलौती हॉरर फिल्म है. हॉलीवुड की मशहूर ‘चाइल्ड्स प्ले’ से प्रेरित इस फिल्म में एक शापित गुड़िया की कहानी बताई गई थी, जिसमें एक क्रिमिनल की आत्मा का साया था. हालांकि फिल्म रिलीज होने पर बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन करिश्मा का अनोखा एक्सपेरिमेंट और डरावनी गुड़िया का खौफ आज भी दर्शकों के बीच एक यादगार कहानी है.
नई दिल्ली. करिश्मा कपूर 90 के दशक में अपनी चुलबुली मुस्कान और शानदार डांसिंग से नंबर वन बॉक्स ऑफिस स्टार थीं, लेकिन आज ही के दिन यानी 16 फरवरी 1996 को उन्होंने एक ऐसा रिस्क लिया जिसने सभी को हैरान कर दिया. ‘राजा हिंदुस्तानी’ और ‘दिल तो पागल है’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाली करिश्मा की इकलौती हॉरर फिल्म ‘पापी गुड़िया’ रिलीज हुई थी. हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही, लेकिन हॉलीवुड की ‘चकी’ सीरीज से इंस्पायर्ड इस इंडियन एक्सपेरिमेंट ने अपनी एक अलग पहचान बनाई. आज भी, 30 साल बाद यह फिल्म अपने ‘डरावने खिलौने’ के लिए जानी जाती है.

साल 1996 करिश्मा कपूर के करियर का गोल्डन ईयर माना जाता है. इसी साल उन्होंने ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर ‘राजा हिंदुस्तानी’ दी थी, लेकिन उसी साल की शुरुआत में 16 फरवरी को करिश्मा अपने फैंस के लिए बिल्कुल नए अवतार में नजर आईं. लॉरेंस डिसूजा के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘पापी गुड़िया’ रिलीज हुई थी तो उस समय बॉलीवुड में रामसे ब्रदर्स की हॉरर फिल्मों का दौर था, जिसमें पुरानी हवेलियां और बदसूरत मॉन्स्टर होते थे. लेकिन ‘पापी गुड़िया’ में एक छोटे से खिलौने के जरिए डर फैलाने की कोशिश की गई थी, जो इंडियन ऑडियंस के लिए एक नया एक्सपीरियंस था.

इस फिल्म को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसका हॉलीवुड कनेक्शन था. 1988 में हॉलीवुड ने ‘चाइल्ड्स प्ले’ नाम की एक फिल्म रिलीज की थी, जिसका विलेन ‘चकी’ (एक शैतानी गुड़िया) दुनिया भर में मशहूर हो गया था. ‘पापी गुड़िया’ इसी फिल्म का बॉलीवुड रीमेक थी. कहानी एक तांत्रिक (चरण राज) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी मौत के समय अपनी आत्मा को एक खिलौने वाली गुड़िया में डाल देता है.
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करिश्मा कपूर ने एक ऐसी लड़की का रोल किया था जिसका छोटा भाई गुड़िया को घर ले आता है. फिल्म में जिस तरह से गुड़िया को चाकू चलाते और मर्डर करते हुए दिखाया गया था, उसने उस समय के सेंसर बोर्ड और ऑडियंस दोनों को चौंका दिया था. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रिलीज के समय, ‘पापी गुड़िया’ को क्रिटिक्स ने ‘बचकानी’ कहा था. लोगों का मानना था कि करिश्मा जैसी बड़ी स्टार को ऐसी बी-ग्रेड हॉरर फिल्म में काम नहीं करना चाहिए था. इस वजह से, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई.

हालांकि, समय के साथ डिजिटल जमाने में फिल्म को कल्ट क्लासिक का दर्जा मिल गया. लोग इसे पसंद करने लगे, क्योंकि यह उन कुछ बॉलीवुड फिल्मों में से एक थी जिसमें स्लेशर हॉरर के साथ एक्सपेरिमेंट किया गया था. आज के सिनेफाइल्स इस फिल्म को इसके डरावने विजुअल्स और पुरानी यादों के लिए देखते हैं. फिल्म में करिश्मा का डेडिकेशन साफ दिखता है और शायद इसलिए हम 30 साल बाद भी इसके बारे में बात कर रहे हैं.

उस समय, CGI या एडवांस्ड VFX आज जितने आम नहीं थे. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हॉलीवुड में ‘चकी’ को एनिमेट्रॉनिक्स से ऑपरेट किया गया था, लेकिन इंडिया में बजट की कमी की वजह से ‘पापी गुड़िया’ को मैकेनिकल प्रॉप्स और छोटे एक्टर्स का इस्तेमाल करके फिल्माया गया था. कहा जाता है कि उस वक्त हॉलीवुड फिल्म एक्सपर्ट्स भी हैरान थे कि एक टॉप मेनस्ट्रीम एक्ट्रेस ने ऐसा एक्सपेरिमेंटल सब्जेक्ट क्यों चुना. फिल्म के कुछ सीन, जैसे गुड़िया का अचानक पलटना और गला घोंटना, आज भी पुराने ऑडियंस को याद हैं. यह करिश्मा कपूर की हिम्मत ही थी जिसने उन्हें अपनी ग्लैमरस इमेज को होल्ड पर रखकर एक हॉरर स्टोरी का हिस्सा बनने के लिए तैयार किया.

हालांकि ‘पापी गुड़िया’ की नाकामी ने करिश्मा कपूर के करियर की दिशा बदल दी. उन्हें एहसास हुआ कि उस समय इंडियन ऑडियंस उन्हें सिर्फ रोमांटिक-ड्रामा या कॉमेडी में ही देखना चाहती थी. इस फिल्म के बाद करिश्मा ने यशराज फिल्म्स और डेविड धवन के साथ फिल्मों पर फोकस किया, जहां उन्हें जबरदस्त कामयाबी मिली. ‘पापी गुड़िया’ करिश्मा के फिल्मी करियर का एकमात्र ऐसा चैप्टर बन गया जिसे उन्होंने कभी दोहराने की कोशिश नहीं की.
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