अभिनेत्री फातिमा सना शेख ने सोहा अली खान के पॉडकास्ट में अपनी बीमारी मिर्गी (एपिलेप्सी) के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि फिल्म ‘दंगल’ की शूटिंग के दौरान उन्हें पहली बार दौरा पड़ा था, जो उनके लिए बेहद डरावना अनुभव था. फातिमा के अनुसार, उस समय कई लोगों को समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में लोगों ने उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे वह काफी परेशान हुईं. इस बीमारी का उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ पर काफी असर पड़ा.
फातिमा सना शेख ने अपनी बीमारी के बारे में बताया.
बातचीत के दौरान सोहा ने उस घटना का जिक्र किया जब फातिमा को पहली बार पता चला कि उन्हें मिर्गी यानी एपिलेप्सी है. फातिमा ने बताया कि यह घटना उनकी पहली ही फिल्म ‘दंगल’ की शूटिंग के दौरान हुई थी और यह उनके जीवन के सबसे डरावने अनुभवों में से एक था. उन्होंने कहा कि उन्हें अचानक महसूस हुआ कि उन्हें दौरा आने वाला है, इसलिए उन्होंने आसपास मौजूद लोगों को इसके बारे में बताने की कोशिश की, लेकिन उस समय किसी को समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है.
फातिमा ने याद किया दर्दनाक मंजर
फातिमा ने बताया कि उस दौरान आमिर खान और सान्या मल्होत्रा वहां मौजूद थे और उन्होंने अनजाने में सान्या का हाथ कांट दिया था. उन्होंने सान्या को इतनी बुरी तरह घायल कर दिया था कि उनके हाथों से खून निकलने लगा.फातिमा को उस पूरी घटना की ज्यादा याद नहीं है. उन्हें बस इतना याद है कि वह बहुत डर गई थीं, बेहोश हो गईं और जब होश आया तो वह अस्पताल में थीं.
फातिमा की बीमारी को सीरियस नहीं लेते थे लोग
उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत में कई लोगों ने उनकी स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया. कुछ लोगों को लगा कि यह सिर्फ ध्यान खींचने की कोशिश है या फिर किसी नशीले पदार्थ की वजह से ऐसा हुआ होगा. फातिमा को तब और हैरानी हुई जब एक डॉक्टर ने उनके माता-पिता से कहा कि इसे ज्यादा गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है.
दौरे से पहले लोगों को कर देती थीं आगाह
वो आगे कहती हैं कि जब उन्हें पहली बार दौरे पड़े थे तो वो सोचती रहती थीं कि नहीं कुछ नहीं होगा, लेकिन फिर वो बढ़ते ही गया. वो कहती हैं कि जब ‘दंगल’ के सेट पर उन्हें पहली बार दौरा पड़ा तो उन्हें लगा कि नहीं कुछ नहीं होगा, लेकिन फिर वो दौरा बढ़ते ही गया. वो कहती हैं कि जब भी उन्हें सीजर आने वाला होता था, वो अपने आस-पास के लोगों को बता देती थी.
एपिलेप्सी से जुड़े अपने एक्सपीरियंस के बारे में फातिमा कहती हैं कि बीमारी का उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ पर काफी बुरा असर पड़ा. उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी आया जब वह सामाजिक रूप से लोगों से दूर हो गई थीं, क्योंकि उन्हें लगा कि लोग समझने के बजाय दूरी बना लेते हैं. इसके साथ ही जब उन्होंने दवाइयां लेनी शुरू कींं तो वो हमेशा गुस्से में और डिप्रेशन में रहती थीं जिसकी वजह से उन्होंने बिना किसी को कुछ बताए ही दवा लेनी बंद कर दी.
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प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है…और पढ़ें
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