ईरान में पिछले साल भड़के विरोध प्रदर्शनों ने सर्वोच्च नेता के नेतृत्व वाले शासन को उखाड़ फेंकने की मांग की थी, जिसमें ‘सेक्युलर’ ईरान की वापसी की लोग मांग कर रहे थे. 1979 की क्रांति में शाह को उखाड़ फेंकने के बाद देश लगभग पांच दशकों से इस्लामिक गणराज्य है. हाल ही में अमेरिका और इजराइल की संयुक्त कार्रवाई में अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या ने देश में विभाजनकारी प्रतिक्रियाएं पैदा कीं, जहां कई लोग उनकी मौत का जश्न मना रहे हैं तो अन्य विरोध कर रहे हैं. ईरान में जन्मीं और यूरोप में पली-बढ़ीं एक्ट्रेस एलनाज नोरौजी का कहना है कि मौजूदा शासन को हटना चाहिए.
40 साल से लोगों की ये है चाहत
बॉम्बे टाइम्स को दिए इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने कहा कि ईरान को सिर्फ मौजूदा शासन से जोड़कर नहीं देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले 40 सालों से ईरान की बड़ी आबादी इस उम्मीद में सोती-जागती है कि एक दिन वे इस शासन से आजाद हो जाएंगे. उन्होंने ईरान के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश कभी फारस हुआ करता था और यूरेशियाई संस्कृति का हिस्सा था. अरबों के आक्रमण से पहले ईरान में ईसाई, बहाई और रूसी प्रवासी रहते थे. यह सिर्फ मुसलमानों के लिए नहीं था. आप वहां जो चाहे पहन सकते थे, जो चाहे बोल सकते थे.
‘जेन जी जानते है कि उनके लिए क्या सही है’
एलनाज ने आगे कहा कि ईरान की युवा पीढ़ी यानी जेन जी बिल्कुल जानते है कि उनके लिए क्या सही है. उन्होंने कहा, ‘हमारे दादा-दादी कहते हैं कि उन्होंने सालों पहले शासन बदलने की मांग करके गलती की थी. शाह के जमाने में देश सेक्युलर और डायवर्स हुआ करता था. उन्होंने यह भी बताया कि पूरे ईरान में क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी का नाम गूंज रहा है और लोग लोकतंत्र चाहते हैं.
‘शासन ने कट्टरता को बढ़ावा दिया’
एलनाज ने ईरान की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि शासन ने रेडिकलाइजेशन (कट्टरता) को बढ़ावा दिया है. उन्होंने साफ किया कि उनकी आलोचना शासन की है, न कि ईरानी लोगों की. एक्ट्रेस ने कहा कि ईरान के लोग स्मार्ट और शिक्षित हैं, उनका विश्वास इस्लामिक गणराज्य से अलग हैं. एक समय ईरान का इजराइल से अच्छा संबंध था. साइरस द ग्रेट, जिन्होंने दुनिया का पहला मानवाधिकार लिखा, वे पर्सियन थे और उन्होंने यहूदियों को बेबीलोन से मुक्त किया. शाह के समय अमेरिका से अच्छे संबंध थे. सिर्फ इस्लामिक गणराज्य ही इजराइल को मिटाने की बात करता है. उन्होंने कहा कि एक महीने पहले शासन के खिलाफ विरोध करने वाले कई ईरानी मारे गए.
‘ईरान गई को वो मुझे मार देंगे’
मिड-डे से बातचीत में उन्होंने कहा था, ‘मैं ईरान में कदम नहीं रख सकती. अगर ऐसा किया तो मुझे लगता है कि वे मुझे मार देंगे. 2022 में महसा अमीनी आंदोलन के दौरान जो हुआ, उसके बाद से मैं ईरान नहीं जा सकती.’ उन्होंने आगे कहा कि जब उन्होंने खामेनेई और उनके शासन के खिलाफ आवाज उठाई थी, तो उनके परिवार को उनकी सुरक्षा की चिंता सताने लगी थी. आपको बता दें कि एलनाज का जन्म 1990 के दशक की शुरुआत में ईरान में हुआ, लेकिन 8 साल की उम्र में परिवार के साथ जर्मनी चली गईं. यूरोप में मॉडलिंग करियर शुरू किया और 20 की उम्र में भारत आईं. 2017 में सेक्रेड गेम्स से ब्रेकथ्रू मिला, उसके बाद अभय, मेड इन हेवन, है जुनून जैसे शोज और जुगजुग जीयो, मस्ती 4 जैसी फिल्मों में नजर आईं.
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