Ghooskhor Pandat Controversy: मनोज बाजपेयी की वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ पर FIR दर्ज होने के बाद निर्देशक नीरज पांडे ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह काल्पनिक कॉप ड्रामा है और इसका किसी भी जाति या समुदाय से कोई संबंध नहीं है. नीरज ने माना कि टाइटल से कुछ लोग आहत हुए हैं, इसलिए फिलहाल सभी प्रमोशनल सामग्री हटा दी गई है और फिल्म को पूरे संदर्भ में देखने की अपील की.
‘घूसखोर पंडत’ पर एफआईआर होने के बाद नीरज पांडे ने चुप्पी तोड़ी है.
सीरीज के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद नीरज पांडे ने साफ किया कि यह एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और इसका किसी भी जाति, धर्म या समुदाय से कोई संबंध नहीं है. साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया कि फिलहाल सीरीज के सभी प्रमोशनल मटीरियल हटा लिए गए हैं.
‘फिल्म का किसी जाति से लेना-देना नहीं’
नीरज पांडे ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, ‘हमारी फिल्म पूरी तरह से एक फिक्शनल कॉप ड्रामा है. ‘पंडत’ शब्द का इस्तेमाल केवल एक काल्पनिक किरदार के नाम के तौर पर किया गया है. कहानी किसी व्यक्ति के फैसलों और उसके कर्मों पर केंद्रित है, न कि किसी जाति, धर्म या समुदाय पर टिप्पणी करने के लिए.’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि एक फिल्ममेकर के तौर पर वह अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझते हैं और उनकी हर रचना का उद्देश्य सोच-समझकर मनोरंजन देना होता है.
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