फिल्म ‘चौदहवीं का चांद’ साल 1960 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में गुरुदत्त और वहीदा रहमान लीड रोल में नजर आए थे. फिल्म के टाइटल सॉन्ग को तो काफी पसंद किया गया था. इस गाने को लेकर खुद गुरुदत्त एक बार मोहम्मद रफी से नाराज हो गए थे. दरअसल, जब इस गाने की रिकॉर्डिंग गरुदत्त के घर हो ही थी. उस वक्त मोहम्मद रफी ‘तेरी प्यारी प्यारी सूरत को किसी की नजर ना लगे चश्मेबद्दूर’ की रिकॉर्डिंग के लिए कहीं और चले गए थे. इसलिए वह गुरुदत्त के घर लेट पहुंचे. ये देखकर वह काफी गुस्से में आ गए थे. इसके बाद उन्होंने रफी साहब से कहा कि ‘आप बहुत अच्छा गाना गाकर आए हों लेकिन आप जो गाना गाने वाले हैं वे भी बहुत बड़ा हिट साबित होने वाला है. ये सुनकर रफी साहब ने कहा, ‘बिल्कुल ऐसा ही होगा’. वो गाना है ‘चौदहवीं का चांद हो या आफताब हो’ इस गाने को आवाज मोहम्मद रफी ने दी है. गाने में गुरुदत्त, वहीदा रहमान पर दिल खोलकर प्यार लुटाते हैं.
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