करीब सात दशक पहले बना एक गीत, जो आज भी मोहब्बत में टूटे दिलों की पहली पसंद है. ‘मेरा दिल ये पुकारे आजा’ सिर्फ एक फिल्मी गाना नहीं, बल्कि जुदाई की टीस, इंतजार की बेचैनी और प्रेम की पुकार बन चुका है. 1954 में आई फिल्म ‘नागिन’ में लता मंगेशकर की आत्मा को छू लेने वाली आवाज ने इसे अमर बना दिया. राजेंद्र कृष्ण के मार्मिक बोल और हेमंत कुमार का संगीत ऐसा जादू रचते हैं कि धुन कानों में पड़ते ही दिल अतीत की गलियों में भटकने लगता है. भारत ही नहीं, पाकिस्तान तक में यह गीत उतना ही लोकप्रिय है. महफिल हो, रेडियो हो या सोशल मीडिया इसकी गूंज पीढ़ियों को जोड़ देती है. दर्द, प्यार और तड़प का ऐसा संगम कम ही सुनने को मिलता है. यही वजह है कि 72 साल बाद भी यह धुन एवरग्रीन है और हर बार उतनी ही नई लगती है. साल 2022 में पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर आएशा की वेडिंग पर इस गाने में डांस हुआ, जो खूब वायरल हुआ. जिसके बाद एक बार फिर इन गाने की धुन में भारतीय भी खो गए. बॉर्डर पार यह गीत पीढ़ियों को जोड़ता है, क्योंकि इसकी भावुकता और मेलोडी कभी पुरानी नहीं पड़ती. दिलजले इसे सुनकर पुरानी यादों में खो जाते हैं.
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