बॉलीवुड के मशहूर कॉमिक एक्टर राजपाल यादव ने मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बड़ा दावा किया है। एक्टर ने कहा है कि उनके पास भविष्य में ₹1200 करोड़ के काम और 10 फिल्मों के प्रोजेक्ट हैं। बावजूद इसके, एक पुराने चेक बाउंस मामले ने उन्हें कानूनी मुश्किलों और जेल जैसी स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता ने उनके द्वारा पेश किए गए प्रॉपर्टी पेपर्स और सिक्योरिटी रकम को अदालत में स्वीकार नहीं किया और सिर्फ यह चाहता था कि राजपाल जेल जाएं। राजपाल यादव ने साल 2010 में अपनी फिल्म टअता पता लापताट को प्रोड्यूस करने के लिए एक कंपनी से लगभग ₹5 करोड़ लिए थे। निर्देशक के रूप में ये उनका डेब्यू प्रोजेक्ट था, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही और राजपाल को भुगतान करना मुश्किल हो गया। इसके बाद वे कई पोस्ट डेटेड चेक देने लगे, जो बैंक में बाउंस हो गए। इस वजह से शिकायतकर्ता ने चेक बाउंस के तहत मामला दर्ज करवाया और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। राजपाल यादव के वकील भास्कर उपाध्याय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आरोप लगाने वाले ने पहले कहा कि वे सिक्योरिटी मनी और प्रॉपर्टी पेपर्स स्वीकार करेंगे और मामला सुलझ जाएगा। लेकिन जब दस्तावेज पेश किए गए, तो उन्होंने उन्हें लेने से इनकार कर दिया और सिर्फ राजपाल को जेल भेजने पर जोर दिया। भास्कर का आरोप है कि यह सब राजपाल की छवि को धूमिल करने की कोशिश थी, न कि पैसे वापस पाने का ईमानदार प्रयास। राजपाल यादव ने खुद मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने इंडस्ट्री में कभी-कभी किसी प्रोड्यूसर के कठिन समय में मुफ्त में भी काम किया है और उन्होंने अपने गांव का भी विकास किया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य नए और संघर्षशील कलाकारों को आगे लाना था, लेकिन दुर्भाग्यवश यह मामला उन्हें अब तक टैंगल कर चुका है। उनका दावा है कि आने वाले 7 सालों में उनके पास कुल ₹1200 करोड़ के ब्रांडिंग, फिल्म व अन्य प्रोजेक्ट हैं। इनमें कुछ प्रोजेक्ट ₹200 करोड़ से लेकर ₹2000 करोड़ तक के हैं, जिसमें फीस, साझेदारी और ब्रांडिंग डील शामिल हैं। यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य सभी पैसे समय पर चुका देना है और उन्होंने उन लोगों का भी धन्यवाद किया जो इस मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़े रहे।
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