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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत मुंबई में चल रहे ऑपरेटेड इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी (आईआईसीटी) के नए कैंपस में एआई और वर्चुअल प्रोडक्शन की खास तकनीक से ऐसा स्टूडियो तैयार किया जा रहा है. जहां पल भर में दुबई का सुनहरा रेगिस्तान या ऑस्ट्रेलिया का नीला समुद्र तैयार हो जाएगा. फिल्म निर्माताओं को बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी.
फिल्म सिटी में तैयार हो रहा है नया कैंपस.
आईआईसीटी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर नीनाद रायकर ने बताया कि संस्थान एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंशन रियलिटी में विशेषज्ञ तैयार कर रहा है. यहां वर्चुअल प्रोडक्शन स्टूडियो में एआई की मदद से रीयल-टाइम बैकग्राउंड जनरेट किया जाएगा. क्रिएटर्स बस स्क्रिप्ट या आईडिया देंगे और एआई सेकंडों में दुबई का रेगिस्तान, ऑस्ट्रेलिया का बीच या किसी भी दुनिया का सेट बना देगा. इस तरह फिल्म में आने वाला खर्च भी बचेगा .
यह तकनीक एलईडी वॉल, मोशन कैप्चर और रीयल-टाइम रेंडरिंग पर आधारित होगी. यहां पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग मिलेगी, जहां वे एआई से कस्टमाइज्ड सीन बनाना सीखेंगे. फिल्में, ओटीटी सीरीज, गेम्स और विज्ञापनों में लागत कम होगी और क्रिएटिविटी बढ़ेगी. संस्थान पीपीपी मॉडल पर चल रहा है, जिसमें एनवीआईडीआईए (NVIDIA) और ग्रीन रेन स्टूडियो जैसे पार्टनर वर्चुअल प्रोडक्शन और एआई टूल्स उपलब्ध करा रहे हैं.
आईआईसीटसी का पहला फेज जुलाई 2025 से शुरू हुआ है. यहां 18 स्पेशलाइज्ड प्रोग्राम चल रहे हैं, 130+ छात्र पढ़ रहे हैं. सरकार ने 391 करोड़ रुपये का बजट दिया है. मुंबई फिल्म सिटी में 10 एकड़ का स्थायी कैंपस बन रहा है.
हाल ही में छात्रों ने एआई से बनी शॉर्ट फिल्में दिखाईं, जो दर्शकों को खूब पसंद आईं. संस्थान स्टार्टअप इनक्यूबेशन भी कर रहा है, जहां 8 नए वेंचर्स का सपोर्ट मिल रहा है. एआई से कस्टमाइज्ड कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स तैयार होंगे, जो बॉलीवुड, ओटीटी और गेमिंग इंडस्ट्री को के लिए मददगार होंगे. यह कोर्स उन सभी के लिए खुला है जिनमें एआई में रुचि है.
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