- कॉपी लिंक
गुड्डू और कौशिक की जोड़ी आज बॉलीवुड के संगीत जगत में एक जाना-पहचाना नाम बन चुकी है। दोनों ने फिल्म एक दीवाने की दीवानियत के टाइटल ट्रैक ‘दीवानियत’ को कंपोज किया।
दैनिक भास्कर से खास बातचीत में दोनों ने अपने शुरुआती दिनों को याद किया और बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें किन चुनौतियों से गुजरना पड़ा।
कोलकत्ता से मुंबई तक का सफर कैसा रहा? क्या सपने लेकर आए थे आप दोनों?
कौशिक- जीवन में जिस मोड़ पर जो रंग मिले, हमें उन्हें अपनाया है। स्ट्रगल जरूर था, लेकिन उन सब में मजा बड़ा आया। पहले काम कम था और अब काम इतना है कि हमें छोड़ना पड़ता है। हर एक स्टेज में कुछ कमी जरूर थी, लेकिन हमने सबसे सीखा है।
गुड्डू- बहुत खूबसूरत जर्नी रही है। हमें अच्छा लगता है जब लोग हमारे गाने पसंद करते हैं।

कौशिक और गुड्डू की ये जोड़ी कैसे बनी?
गुड्डू- कौशिक मेरा कजिन है। हम दोनों कॉलेज में थे, तो गुड्डू मुझे कहा करता था चल बॉलीवुड में थोड़ा कुछ गाना बनाते हैं। उस वक्त मैं कोलकत्ता में एक बैंड से जुड़ा था, वहीं कौशिक इंडियन क्लासिकल म्यूजिक से जुड़ा था। हमने फिर एक-एक करके कोलैब करना शुरू किया। मैंने कौशिक से उस दौरान कंपोजिशन कैसे करते हैं, वो सब सीखा। वहीं से हम साथ आ गए।
कौशिक- जब मैं इंडियन क्लासिकल म्यूजिक से जुड़ा था, उस समय हमारे यहां बॉलीवुड गाने गाने के लिए प्रोत्साहन नहीं करते थे। लेकिन फिर भी मैं छुप-छुपकर प्रैक्टिस किया करता था।
इस फील्ड में आने की आप दोनों को इंस्पिरेशन कहां से मिली?
कौशिक- मेरे पापा से मुझे इंस्पिरेशन मिली। वो गाते भी थे और मुझे सिखाते भी थे। मैं टैगोर, किशोर कुमार के गाने सुनता था। वैसे तो इस फील्ड में आने का कोई हमारा प्लान नहीं था। लेकिन जब शुरू किया तो लगा कि अब यहां तक ही सीमित नहीं रहेंगे।
हम 2013 में मुंबई आए और आते ही प्रीतम दा के यहां पहुंचे। प्रीतम दा ने हमसे पूछा कि लाइफ में क्या करना चाहते हो और मैंने कहा कि कंपोजर बनना है। हमने उनकी टीम जॉइन की और वहीं से सब कुछ सीखा।
गुड्डू- मैं तो ये देखकर हैरान था कि एक गाना बनने के पीछे कितने सारे लोगों की टीम होती है। 20-20 लोग लगे होते हैं।
बॉलीवुड इंडस्ट्री में पहला ब्रेक कैसे मिला, उस बारे में बताएं।
कौशिक- पहला ब्रेक बहन होगी तेरी बोलकर एक फिल्म आई राजकुमार राव की, उसमें तेरे होकर रहूं गाने में म्यूजिक कंपोज किया था हमने। शादी में जरूर आना वाली फिल्म में हमारे द्वारा कंपोज किया गया गाना था। फिर बधाई हो, लव यात्री, सूर्यवंशी में मेरे यारा गाने को कंपोज किया था। फिर दीवानी की दीवानियत का कोरस पार्ट हमने गाया भी और म्यूजिक कंपोज किया।

आपकी जोड़ी की तरह कोई ऐसी बॉलीवुड की जोड़ी जो आपको म्यूजिक इंडस्ट्री में इंस्पायर करती हो?
गुड्डू- जी, हमें विशाल-शेखर और हमारे गुरु प्रीतम दा बहुत इंस्पायर करते हैं। हमने शिक्षा ही उनके स्कूल से ली है। ए.आर. रहमान जी से भी बहुत कुछ सीखने को मिला है।
सैयारा जैसी बड़ी फिल्म में ब्रेक ना मिलने की वजह से बुरा लगा था आपको?
कौशिक- देखिए, मैं मोहित सूरी सर को बहुत मानता हूं। कुछ काम अगर नहीं भी होता है तो हम उनके पास जाकर बैठते हैं और बातें करते हैं। जो उनकी उम्मीदें थीं हमसे, वैसा हम कर नहीं पाए।
मैंने उनसे कहा कि मुझे आपकी फिल्म बहुत अच्छी लगी सर, लेकिन माफ करिएगा कि हम आपको गाना नहीं दे पाए। उन्होंने रिप्लाई किया कि तुमने जो सुनाया बहुत अच्छा था, लेकिन मेरी फिल्म में नहीं बैठ रहा था।
Discover more from Bollywood News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.