गलट्टा प्लस को दिए एक ताजा इंटरव्यू में रानी ने बॉलीवुड के इन तीन सुल्तानों के साथ काम करने की यादें ताजा कीं. उन्होंने बताया कि इन तीनों सुपरस्टार्स ने फिल्म इंडस्ट्री में अलग-अलग तरीके से खुद को स्थापित किया है, लेकिन हर एक की कला और प्रतिबद्धता में समान पैशन दिखता है.
‘ओह माय गॉड, मैं इतने बड़े स्टार के साथ काम करने वाली हूं’
रानी की फिल्म 1998 में आमिर खान की फिल्म ‘गुलाम’ में उनके साथ पहली बार काम किया था. इस फिल्म के साथ उनकी पहली मुलाकात उनकी जिंदगी की यादगार पलों में एक रही. उन्होंने कहा कि वह ‘कयामत से कयामत तक’ में आमिर को देखकर बड़ी हुई थीं और तब उनके दिल की धड़कन बढ़ जाती थी. उस फिल्म में वे इतने क्यूट लगे थे कि मेरा उन पर क्रश हो गया था. जूही चावला पर भी उतना ही क्रश था.’ रानी ने आगे जोड़ा, ‘जब मुझे गुलाम के लिए साइन किया गया तो मैं सोच रही थी, ‘ओह माय गॉड, मैं इतने बड़े स्टार के साथ काम करने वाली हूं.’ लेकिन जो चीज मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित करती है, वह है हर शॉट में उनकी डेडिकेशन- संवेदनशीलता, गंभीरता और खुद को पूरी तरह से परफॉर्मेंस में झोंक देना. ये मेरे इंडस्ट्री के शुरुआती दिन थे और मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा.’ आमिर की गंभीरता ने रानी पर गहरा असर छोड़ा, जो उनके करियर की नींव बनी.
शाहरुख आज भी क्यों रानी को कहते हैं ‘बेबी’
इसके बाद रानी ने शाहरुख खान के साथ ‘कुछ कुछ होता है’ और ‘चलते चलते’ जैसी फिल्मों में काम किया. उन्होंने बताया, ‘आमिर के बाद मैंने शाहरुख के साथ काम किया. मैंने उन्हें ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ में देखा था, जो 1995 में रिलीज हुई थी. उसी साल मैं अपनी पहली फिल्म ‘राजा की आएगी बारात’ की शूटिंग कर रही थी. इन दो मेगा स्टार्स के साथ काम करना सपने जैसा था.’ शाहरुख की सबसे यादगार बात रानी के लिए उनकी गर्मजोशी है.उन्होंने कहा, ‘शाहरुख एक जेंटल और संवेदनशील एनर्जी के साथ आते हैं. उन्होंने मुझे बेबी की तरह ट्रीट किया मैं तब मुश्किल से 18 साल की थी और आज भी वे मुझे ‘बेबी’ कहकर बुलाते हैं. आमिर की तरह शाहरुख भी अपना बेस्ट शॉट देने पर फोकस्ड रहते हैं. वे सेट पर मेरे टीचर जैसे थे.’
‘मैं सलमान से मिली तो यह 360 डिग्री टर्न था’
सलमान खान के साथ अनुभव पूरी तरह अलग था. रानी ने कहा, ‘जब मैं सलमान से मिली तो यह 360 डिग्री टर्न था. उनकी क्राफ्ट के प्रति डेडिकेशन बहुत अलग है. वे स्वैग और बिंदास एटिट्यूड के साथ सेट पर आते हैं. लगता है जैसे वे वहां नहीं हैं, लेकिन वे पूरी तरह से प्रेजेंट रहते हैं.’ रानी ने आगे समझाया, ‘वे इतने गुड लुकिंग हैं कि सेट पर आते ही सबकी नजरें उन पर टिक जाती हैं. वे काम को बहुत कैजुअल तरीके से लेते हैं, लेकिन बेहद मेहनत करते हैं. लोग इसे पहचानते नहीं क्योंकि वे उस जोन में किसी को आने नहीं देते. वे लगातार सीन के बारे में बात करते हैं, कुछ नया ट्राई करते हैं.’
3 खान, 3 अलग स्टाइल, लेकिन…
तीनों को याद करते हुए रानी ने निष्कर्ष निकाला कि वे तीनों दिग्गज हैं और काम को अलग-अलग अप्रोच करते हैं. लेकिन कोर में सभी समान रूप से कमिटेड, पैशनेट और लवेबल हैं. मैं तीनों से समान रूप से प्यार करती हूं. हर एक मेरे दिल में स्पेशल जगह रखता है.
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