1978 की वो फिल्म, जिसने हिंदी सिनेमा के जरिए लोगों की सोच को बदला. राज कपूर ने इस फिल्म का निर्देशन किया था और फिल्म के लिए पहली पसंद हेमा मालिनी थी. लेकिन, शूट जैसे-जैसे आगे बढ़ने लगा, वैसे-वैसे हेमा मालिनी असहज हो गईं और बिना कुछ कहे सेट छोड़कर चली गईं. फिर किस एक्ट्रेस की एंट्री हुई और कैसे फिल्म ने इतिहास रचा चलिए बताते हैं…
नई दिल्ली. 1978 की वह ब्लॉकबस्टर, जिसने रिलीज से पहले ही फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मचा दी थी. शोमैन राज कपूर का ड्रीम प्रोजेक्ट, बड़े सितारे, भव्य सेट और बोल्ड कॉन्सेप्ट सब कुछ तय था. लीड हीरो के तौर पर शशि कपूर और उनके अपोजिट ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी को साइन किया गया. शूटिंग शुरू भी हो गई, लेकिन कहानी ने अचानक ऐसा मोड़ लिया कि सेट पर अफरा-तफरी मच गई. किरदार की डिमांड और इमेज के टकराव ने हालात ऐसे बना दिए कि हेमा मालिनी के पसीने छूट गए. फिल्म अधर में लटकती दिखी, मगर यहीं से किस्मत ने करवट ली. नई अदाकारा की एंट्री हुई और उन्होंने उसी रोल से इतिहास रच दिया और फिल्म क्लासिक कल्ट साबित हुई.

1978 में मुकद्दर का सिकंदर, डॉन, त्रिशूल, अंखियों के झरोखों से, पति पत्नी और वो, देश परदेस और मैं तुलसी तेरे आंगन जैसी फिल्में रिलीजहुईं. इन फिल्मों ने बड़े पर्दे पर लोगों के दिल जीते. लेकिन इसी साल एक और फिल्म रिलीज हुई, जिसने बॉक्स ऑफिस पर झंडे गाड़ दिए. ये फिल्म थी ‘सत्यम शिवम सुंदरम’. इस फिल्म के साथ राज कपूर ने<br />एक ऐसा अनोखा एक्सपेरिमेंट किया था, जिसे आज भी याद किया जाता है.

इस फिल्म में शशि कपूर और जीनत अमान की जोड़ी ने तहलका मचा दिया था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फिल्म के लिए पहली पसंद जीनत अमान नहीं थीं. शशि के अपोजिट हेमा मालिनी को कास्ट किया था. जीनत ने ये किस्सा सोशल मीडिया पर जाहिर किया था. उन्होंने बताया था कि फिल्म की शूटिंग भी शुरू हो गई लेकिन हेमा बुरी तरह परेशान थीं.
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फिल्म इंडस्ट्री की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी को जब राज कपूर ने ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ ऑफर किया तो वह चाह कर भी मना नहीं कर पाईं. फिल्म की स्टोरी सुनते ही हेमा मालिनी के होश उड़ गए, वजह था रुपा का किरदार. दरअसल, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ फिल्म की रुपा का किरदार कोई सामान्य कैरेक्टर नहीं थी, बल्कि इस फिल्म से हेमा की सुंदरता पर सवाल उठने का खतरा था. हेमा अपनी इमेज को लेकर उलझन में थीं’.

हेमा मालिनी समझ नहीं पा रही थीं कि क्या करें. सोचते हुए शूटिंग के लिए तय समय पर सेट पर पहुंचीं. फिल्म डायरेक्टर-प्रोड्यूसर राज कपूर ने हेमा को तैयार होकर आने के लिए कहा. हेमा तैयार होने के लिए ड्रेसिंग रूम में गई लेकिन काफी देर तक उनका कुछ अता-पता ही नहीं चला. हेमा मालिनी जब काफी देर तक ड्रेसिंग रूम से बाहर नहीं निकली तो राज कपूर ने उन्हें बुलाने के लिए एक असिस्टेंट को भेजा, वो जब ड्रेसिंग रुम में पहुंची तो एक्ट्रेस थी नहीं.

दरअसल, हेमा मालिनी जब राज कपूर को मना नहीं कर पाईं तो ड्रेसिंग रुम में जाने के बाद, पीछे के दरवाजे से निकल कर चली गईं. राज कपूर को जब इसकी खबर लगी तो वह समझ गए कि हेमा उन्हें इनकार नहीं कर पाईं लेकिन इस रोल के लिए खुद को तैयार भी नहीं कर पाईं. दरअसल, फिल्म में एक्ट्रेस का एक तरफ का चेहरा जला हुआ दिखाया गया है.

हालांकि, फिल्म बनी और नई हसीना की तलाश शुरू हुई. फिल्म ‘वकील बाबू’ करते समय राज साहब ने जीनत अमान से इसका जिक्र किया. जीनत अमान ने उस दौर में बड़ा रिस्क लेने का फैसला लिया और रुपा के गेटअप में तैयार होकर शोमैन से मिलने गईं. रुपा के गेटअप में जीनत को देख राज कपूर उन्हें पहचान ही नहीं पाए. आखिर में जीनत ने परिचय दिया और राज कपूर कह बैठे ये ही रुपा होगी.

सत्यम शिवम सुंदरम फिल्म की बात करें तो फिल्म का बजट लगभग 2 करोड़ था और इसने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 4.50 करोड़ की कमाई की थी. यह फिल्म उस समय एक ब्लॉकबस्टर साबित हुई. लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने फिल्म में संगात दिया था. ये फिल्म अपने संगीत के साथ बोल्ड सीन्स के लिए जानी जाती है, जो उस समय काफी चर्चा में रही थी.
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