हिंदी सिनेमा की जानी मानी एक्ट्रेस, निम्मी का जन्म आज ही के दिन हुआ था. . ‘आन’ की ‘मंगला’ के तौर पर पहचान बनाने वाली निम्मी का असली नाम नवाब बानो था, और इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प किस्सा जुड़ा है. सादगी, उसूलों और दमदार अभिनय से पहचान बनाने वाली इस अदाकारा की जिंदगी कई अनसुनी कहानियों से भरी रही.
देखते देखते गिरा करियर ग्राफ
कम लोग जानते हैं कि निम्मी उनका असली नाम नहीं था. उनका असली नाम था नवाब बानो. इस नाम के पीछे भी एक बड़ा ही दिलचस्प किस्सा जुड़ा है.
निम्मी का जन्म आगरा के एक मुस्लिम परिवार में हुआ था. उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके नाना छोटे जमींदार थे और हमेशा चाहते थे कि अंग्रेज सरकार उन्हें ‘नवाब’ का खिताब दे. लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद उन्हें ये सम्मान नहीं मिला.
राज कपूर ने दिया नाम
जब निम्मी का जन्म हुआ तो घर में खुशी छा गई. उनकी नानी ने जाकर नाना को बताया कि बच्चा हुआ है. नाना ने तुरंत कहा कि उसका नाम नवाब रख दो. जब नानी ने कहा कि लड़की हुई है, तो उन्होंने जवाब दिया कि लड़की हो या लड़का, नवाब का खिताब तो अभी दे दो. इस तरह उनका नाम पड़ा ‘नवाब’. बाद में नानी ने प्यार से ‘बानो’ जोड़ दिया और वह बन गईं नवाब बानो.फिल्मों में आने के बाद उनका नाम बदलकर ‘निम्मी’ रख दिया गया. यह नाम उन्हें राज कपूर ने दिया था. उनका कहना था कि यह नाम उनके मासूम चेहरे और सादगी पर खूब जंचता है.
राज कपूर को बांधी थी राखी
निम्मी को उनके करियर का पहला ब्रेक राज कपूर ने दिया था. वह सबसे पहले ‘बरसात’ फिल्म में नजर आई थीं. राज कपूर के सामने निम्मी बहुत घबराई हुई रहती थीं. वह अक्सर शूटिंग के दौरान सेट पर काफी डरी सहमी रहती थीं। एक दिन राज कपूर उनके पास पहुंचे और बोले कि क्या राखी का मतलब जानती हों और उन्होंने निम्मी से राखी बंधवा ली, निम्मी ने दिलीप कुमार के साथ पांच फिल्मों में काम किया. ‘आन’, ‘अमर’, ‘दीदार’, ‘दाग’, ‘उड़न खटोला’ शामिल हैं. कहा जाा है कि वह दिलीप कुमार को पसंद किया करती थीं. उन्होंने कहा था, “मधुबाला जैसी खूबसूरत एक्ट्रेस उनसे प्यार करती थीं, उनकी बराबरी कैसे कर सकती थ. मेरा दिल बुरी तरह टूट गया था और वह मुझे मिल नहीं सकते यही सोचकर मैं हमेशा उनसे दूर रही.
बता दें कि निम्मी ने ‘बरसात’, ‘दीदार’, ‘उड़न खटोला’, ‘कुंदन’ और ‘बसंत बहार’ जैसी फिल्मों में काम किया. लेकिन साल 1952 में आई Aan में निभाया गया उनका किरदार ‘मंगला’ सबसे ज्यादा याद किया जाता है. इस फिल्म में वह एक गांव की सीधी-सादी लड़की के रूप में नजर आईं और दर्शकों के दिलों में बस गईं. एक्ट्रेस ने सबसे बड़ी गलती साल 1963 में रिलीज हुई फिल्म ‘मेरे महबूब’ में की. इस फिल्म में वह सेकेंड लीड बनी और साधन लीड रोल में थी.साधना स्टार बन गई और इस फिल्म के बाद उन्हें लीड रोल मिलना कम हो गए.
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न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार का डिजिटल मीडिया में 9 सालों का अनुभव है. एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू और इंटरव्यू में विशेषज्ञता है. मुनीष ने जामिया मिल्लिया इ…और पढ़ें
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