एक्ट्रेस मंदाना करीमी ने न्यूज18 इंडिया से बातचीत में अपने देश के दमनकारी शासन के खिलाफ तीखा रिएक्शन दिया है. उन्होंने अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन को बदलाव की उम्मीद बताते हुए ईरानी शासन की तुलना ‘कैंसर’ से की. मंदाना करीमी ने बचपन के कड़वे अनुभवों को बयां करते हुए बताया कि वहां स्कूलों में नफरत सिखाई जाती है. उन्होंने भारतीय मुसलमानों को सौभाग्यशाली बताया और भारत में मिली सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया. मंदाना ने बेंजामिन नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप के कदमों का भी सपोर्ट किया.
नई दिल्ली: ईरानी मूल की एक्ट्रेस मंदाना करीमी ने अपने देश में दशकों से जारी दमन और स्ट्रगल पर गहरा दुख जातते हुए अमेरिका-इजराइल के साथ जंग को एक इमोशनल मोड़ बताया है. मंदाना करीमी ने न्यूज18 इंडिया से खास बातचीत में कहा कि ईरानी जनता पिछले 48 सालों से अपने ही शासन की तानाशाही नीतियों से जूझ रही है, लेकिन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन ने वहां के लोगों में बदलाव की एक नई उम्मीद जगा दी है. मंदाना करीमी ने ईरानी शासन की तुलना मिडिल ईस्ट में फैली एक ‘कैंसर सेल’ से की है, जो पूरे इलाके की शांति के लिए घातक है. (फोटो साभार: Instagram@mandanakarimi)

मंदाना करीमी ने भारत से ईरान की तुलना करते हुए कहा, ‘इंडिया को देखो, यहां मुसलमान है, यहूदी है, ईसाई है. दूसरे देशों में भी ऐसा है.’ उन्होंने बताया कि ईरान में पढ़ाया जाता है कि यहूदियों और हिंदुओं को रहने का हक नहीं है. (फोटो साभार: Instagram@mandanakarimi)

मंदाना कहती हैं, ‘मेरे स्कूल में रोजाना अमेरिका, इजराइल, ब्रिटिश सहित कई देशों को खत्म करने की बात दोहराई जाती थी. ईरान में जो हालात हैं, उसमें वहां के लोग मुझसे संपर्क कर सकते हैं, लेकिन मैं नहीं कर सकती.’ (फोटो साभार: Instagram@mandanakarimi)
Add News18 as
Preferred Source on Google

मंदाना करीमी ने फिर करीबियों से बातचीत के बारे में बताया कि वहां लोग डरे हुए हैं. घरों में बंद हैं. उन्हें बेहतर कल की उम्मीद है. हम आजाद ईरान के लिए दुआ करते हैं. मंदाना करीबी ने मुसलमानों के साथ कथित अन्याय पर आगे कहा, ‘जो लोग मुसलमान शब्द का बार-बार इस्तेमाल कर रहे हैं, वह एक बड़े प्रोपेगैंडा का हिस्सा है. यह इस्लाम के बारे में नहीं है, यह इस्लामिक वॉर है.’ (फोटो साभार: Instagram@mandanakarimi)

मंदाना करीमी ने फिर ईरान पर डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के एक्शन पर अपनी खुशी जताते हुए उनका शुक्रिया अदा किया. उन्होंने फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा, ‘शुक्रिया, मुझे सुरक्षा देने के लिए. मुसलमान लोग मुझ पर अटैक कर रहे हैं.’ (फोटो साभार: Instagram@mandanakarimi)

मंदाना करीमी ने भारतीय मुसलमानों को सौभाग्यशाली बताया. वे कहती हैं, ‘दिल्ली में खामेनेई के सपोर्ट में जिस तरह लोग निकले थे, अगर ऐसा ईरान में होता, तो सैंकड़ों लोगों को मार दिया जाता. मैं आपसे ईरानियों की आवाज को सुनने की गुजारिश करती हूं, जो आजाद ईरान की मांग कर रहे हैं.’ (फोटो साभार: Instagram@mandanakarimi)

मंदाना करीबी की बातों में अपनी जड़ों से दूर होने का दर्द और एक स्वतंत्र व खुले ईरान को देखने की गहरी इच्छा साफ झलकती है. हालांकि, मंदाना करीमी ने देश के भविष्य को लेकर दुविधा को भी माना है कि क्या वाकई सत्ता में कोई सही बदलाव आएगा या लीडरशिप की कमान किसके हाथों में होगी. (फोटो साभार: Instagram@mandanakarimi)

मंदाना करीमी ने साफ कहा कि वह ईरान तभी लौटेंगी, जब वहां के हालात पूरी तरह बदल जाएंगे और लोगों को सच्ची आजादी मिलेगी. एक्ट्रेस का बयान न सिर्फ उनकी निजी राय है, बल्कि यह उन लाखों ईरानियों की मिली-जुली संवेदनाओं को भी बयां करता है जो निराशा के बीच एक बेहतर और लोकतांत्रिक कल की उम्मीद लगाए बैठे हैं. (फोटो साभार: Instagram@mandanakarimi)
Discover more from Bollywood News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.