कोई भी शख्स किसी भी मुकाम में हो, अगर उसे ऐड्स हो जाए तो समाज उसे हिकारत भरी नजरों से देखता है. जब फिल्ममेकर ने ऐड्स पीड़ितों को लेकर समाज के नजरिये को बदलने की कोशिश की, तो उन्हें बॉलीवुड इंडस्ट्री की उपेक्षा का सामना करना पड़ा. वह ऐड्स पीड़ित शख्स पर फिल्म का आइडिया लेकर तमाम बड़े सितारों के पास पहुंचे, मगर कोई ऐसे हीरो का रोल निभाने को तैयार नहीं हुआ, जो ऐड्स की वजह से अंत में मर जाता है. तब वे बॉलीवुड के राउडी सलमान खान के पास पहुंचे. उन्होंने अपनी ‘सुपरमैन’ वाली इमेज दांव पर लगाकर पर्दे पर एड्स से पीड़ित किरदार की मौत को दिखाया, जिसका मकसद समाज को एक कड़ा मैसेज देना था. आज 2026 में भी सलमान खान का जलवा बरकरार है और फैंस उनकी अगली फिल्मों जैसे ‘सिकंदर’ और ‘टाइगर वर्सेज पठान’ का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
नई दिल्ली: ‘भाईजान’ सलमान खान बॉलीवुड के रैम्बो हैं, जिन्हें उनके फैंस धांसू किरदार में देखना ही पसंद करते हैं, हालांकि उन्होंने पर्दे पर संजीदे किरदार निभाने का भी जोखिम उठाया है. फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ से उनकी इमेज को नुकसान पहुंचा. उन्होंने साल 2004 में एक ऐसा ही किरदार निभाया था, जिसे करने से बॉलीवुड के सभी सितारों ने इनकार कर दिया था. फैंस भी खुश नहीं थे, पर उन्होंने अपने रोल से देशभर में गंभीर चर्चा छेड़ दी थी. हम फिल्म ‘फिर मिलेंगे’ की बात कर रहे हैं, जिसमें सलमान खान ने एक एचआईवी पॉजिटिव शख्स की भूमिका निभाई थी. सलमान ने फिल्म के लिए महज 1 रुपये फीस चार्ज की थी. (फोटो साभार: IMDb)

जब फिल्म ‘फिर मिलेंगे’ की कहानी लिखी गई, तो इस विषय को लेकर समाज में बहुत डर और हिचकिचाहट थी. मेकर्स जिस भी बड़े एक्टर के पास जाते, वो इस रोल को करने से साफ मना कर देता. इसमें लीड हीरो का किरदार एचआईवी पॉजिटिव दिखाया गया था.(फोटो साभार: IMDb)

जब बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारों ने हाथ खड़े कर दिए, तब फिल्म के प्रोड्यूसर शैलेंद्र सिंह ने सलमान खान को फोन किया. ताज्जुब की बात यह है कि सलमान ने बिना किसी हिचकिचाहट के सिर्फ एक कॉल पर इस मुश्किल रोल के लिए ‘हां’ कह दी. (फोटो साभार: IMDb)
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सलमान खान उस वक्त देश के सबसे बड़े यूथ आइकॉन थे. उन्हें भारत का ‘रैंबो’ और ‘टर्मिनेटर’ माना जाता था. ऐसे में एक ऐसी फिल्म करना जिसमें हीरो को ऐड्स हो जाए और आखिर में उसकी मौत हो जाए, उनके करियर के लिए एक बहुत बड़ा रिस्क था. फिल्म ‘फिर मिलेंगे’ के लिए सलमान की फीस के बारे में जानकर लोग आज भी हैरान रह जाते हैं. उन्होंने इस नेक काम और समाज को मैसेज देने के लिए सिर्फ 1 रुपये की फीस ली.

फिल्म ‘फिर मिलेंगे’ के क्लाइमैक्स में सलमान खान के किरदार की मौत हो जाती है. जाहिर है कि भाईजान के चाहनेवालों को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया कि उनका पसंदीदा सुपरस्टार स्क्रीन पर मर जाए, लेकिन सलमान ने अपनी इमेज से ऊपर उठकर फिल्म के मैसेज को अहमियत दी.

सलमान के इस किरदार की वजह से पूरे देश में एचआईवी/एड्स को लेकर एक नई जागरूकता फैली. उनके जैसे सुपरस्टार ने जब यह रोल निभाया, तो इस बीमारी से जुड़ी गलतफहमियां कम हुईं और लोगों को एक मजबूत सामाजिक मैसेज मिला.(फोटो साभार: IMDb)

सलमान खान ने 1988 में ‘बीवी हो तो ऐसी’ से शुरुआत की थी और आज 2026 में भी उनका जादू बरकरार है. उन्होंने अपने करियर में मसाला फिल्मों के साथ-साथ ‘फिर मिलेंगे’ जैसी संजीदा फिल्में करके अपनी वर्सेटालिटी साबित की है. (फोटो साभार: IMDb)

सलमान के फैंस के लिए आने वाला समय बहुत एक्साइटिंग है. ‘सिकंदर’ की सफलता के बाद अब लोग उनकी अगली एक्शन फिल्मों का इंतजार कर रहे हैं. ‘बैटल ऑफ गलवान’ का अपडेट जल्द आएगा, साथ ही ‘किक 2’ और ‘टाइगर वर्सेज पठान’ जैसी बड़ी फिल्में भी पाइपलाइन में हैं.
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