फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने ‘सूबेदार’ की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि इसे ओटीटी के साथ-साथ सिनेमाघरों में भी रिलीज किया जाना चाहिए था. उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि फिल्म को बड़े पर्दे के अनुभव को ध्यान में रखकर अनामॉर्फिक लेंस से शूट किया गया है. इसलिए थिएटर में दर्शकों के साथ देखना और भी रोमांचक होता. अनुराग ने निर्देशक सुरेश त्रिवेणी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बुंदेलखंड और चंबल की दुनिया को बेहद वास्तविक अंदाज में पेश किया है.
अनुराग कश्यप ने ‘सूबेदार’ की तारीफ की.
अनुराग कश्यप ने शनिवार को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर अनिल कपूर की एक तस्वीर साझा करते हुए फिल्म की खुलकर तारीफ की. उन्होंने लिखा कि ‘सूबेदार’ भले ही ओटीटी पर देखने के लिए उपलब्ध है, लेकिन इसका असली अनुभव बड़े पर्दे पर मिलता. उनके मुताबिक फिल्म को खास तौर पर बड़े पर्दे के लिए अनामॉर्फिक लेंस से शूट किया गया है, जो सिनेमाघरों में देखने पर इसके विजुअल अनुभव को और भी प्रभावशाली बना देता. उन्होंने कहा कि थिएटर में दर्शकों की भीड़ के साथ फिल्म देखने का अनुभव कहीं ज्यादा रोमांचक होता.
अनुराग कश्यप का पोस्ट
अनुराग कश्यप ने ‘सूबेदार’ को बताया बड़े पर्दे की फिल्म
अनुराग कश्यप ने फिल्म के निर्देशक सुरेश त्रिवेणी की भी सराहना की. उनके अनुसार निर्देशक ने बुंदेलखंड और चंबल क्षेत्र की दुनिया को बहुत ही वास्तविक और संवेदनशील तरीके से पर्दे पर उतारा है. उन्होंने बताया कि फिल्म में पितृसत्तात्मक समाज की जटिलताओं को दिखाया गया है, जहां सत्ता और ताकत का संतुलन अक्सर कठोर और असमान नजर आता है. अनुराग ने यह भी कहा कि ऐसी ही परिस्थितियों से कभी फूलन देवी जैसी शख्सियतें सामने आई थीं, और आज भी कई इलाकों में हालात बहुत अलग नहीं हुए हैं.
फिल्म की कहानी एक पूर्व सैनिक अर्जुन मौर्या के इर्द-गिर्द घूमती है, जो नागरिक समाज की कठोर और अस्थिर परिस्थितियों में उलझ जाता है. हालांकि कहानी काल्पनिक है, लेकिन इसकी प्रस्तुति इतनी वास्तविक लगती है कि दर्शक खुद को उस दुनिया का हिस्सा महसूस करने लगते हैं. अनुराग ने बताया कि उन्होंने फिल्म को नॉइज-कैंसलेशन हेडफोन के साथ देखा और उन्हें इसका अनुभव काफी प्रभावशाली लगा, लेकिन उनका मानना है कि यही फिल्म सिनेमाघर में और भी ज्यादा असरदार लगती.
‘सूबेदार’ की स्टारकास्ट के मुरीद हुए अनुराग कश्यप
अनुराग कश्यप ने फिल्म की पूरी स्टारकास्ट की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि अनिल कपूर ने अपने किरदार में गुस्से और भीतर की आग को बेहद प्रभावी तरीके से पेश किया है. साथ ही फैसल मलिक, मोना सिंह, आदित्य रावल और राधिका मदान के अभिनय की भी उन्होंने सराहना की. खासतौर पर आदित्य रावल के खलनायक किरदार को उन्होंने इतना प्रभावशाली बताया कि दर्शकों को उससे नफरत होने लगती है.
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प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है…और पढ़ें
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